
ललितपुर। जनपद के प्रशासनिक इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जुड़ गया है, जब जिले को भारत सरकार द्वारा एक और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, यह प्रतिष्ठित पुरस्कार केवल जिले की उपलब्धी नहीं है बल्कि जिलाधिकारी श्री अक्षय त्रिपाठी की अथक मेहनत व दूरर्शिता का, उनके प्रयासों न केवल जिले को एक नई पहचान दिलायी है, बल्कि शासन-प्रशासन में आमजन की भागीदारी और विश्वास को भी नई ऊंचाईयों पर पहुचाया है। जिलाधिकारी ने अपने कार्यकाल में विकास को केवल एक आंकड़ा भर नहीं समझा बल्कि हर योजना और कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया। उन्होंने सभी विभागों के समन्वय से यह सुनिश्चित किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अन्तिम व्यक्ति तह पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण, खेल, पेयजल, डिजिटल सेवाएं और स्वच्छता क्षेत्र में किये गए नवाचार और सुधार कार्यों ने जिले को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श के रुप में प्रस्तुत किया है।
‘‘स्वच्छ भविष्य’’ परियोजना के क्रियान्वयन में जिलाधिकारी की भूमिका अत्यन्त सराहनीय रही है, उन्होंने स्वयं निगरानी रखकर अधिकारियों और नगर पालिका के कर्मचारियों को प्रेरित किया, नियमित समीक्षा बैठकें कीं और स्वयं नगर क्षेत्र में जाकर निरीक्षण किया, उनकी जनसरोकार के प्रति संवेदनशीलता और सक्रिय भागीदारी ने स्वच्छता के कार्यों को गति और गुणवत्ता प्रदान की।
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने अवगत कराया है कि जिलाधिकारी श्री अक्षय त्रिपाठी को ई-गवर्नेंस अवार्ड 2024-25 में परियोजना ‘‘स्वच्छ भविष्य’’ के लिए पीएम उत्कृष्टता अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया है कि जिलाधिकारी के दूरदर्शिता और कुशल निर्देशन में ललितपुर नगर पालिका परिषद द्वारा नगर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे अभिनव प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई है। भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा ललितपुर नगर पालिका परिषद को ‘‘क्लीन फ्यूचर स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट फॉर सब्सटेनेबल ग्रोथ’’ परियोजना के लिए नेशनल अवार्ड फॉर ई-गवर्नेंस 2024-25 के तहत ज्यूरी अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार ललितपुर को ‘‘रिपलीकेशन एण्ड स्केलिंग अप ऑफ नेशनल अवार्डेड प्रोजेक्ट’’ श्रेणी में दिया गया है। जनपद की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को मान्यता देते हुए भारत सरकार द्वारा जिलाधिकारी व नगर पालिका परिषद को आगामी 9-10 जून 2025 को विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में आयोजित 28वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेस सम्मेलन में ज्यूरी अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह ललितपुर के लिए गर्व की बात है कि उनके जिलाधिकारी जिले के विकास के लिए संकल्पित हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने विनम्र भाव से कहा कि यह पुरस्कार ललितपुर की जनता, प्रशासन और सभी सफाईकर्मियों की साझा जीत है। इस उपलब्धि को हासिल करने में अपर जिलाधिकारी वि/रा अंकुर श्रीवास्तव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका दिनेश कुमार विश्वकर्मा एवं उनकी टीम की अहम भूमिका रही।
जिला प्रशासन की इस सफलता पर प्रदेश सरकार से लेकर स्थानीय नागरिकों तक सभी वर्गों ने हर्ष व्यक्त किया है, जिले के सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जिलाधिकारी की नेतृत्व को इस पुरस्कार का प्रमुख कारण बताया है, यह सम्मान न केवल जिले के लिए गर्व की बात है बल्कि यह संकेत है कि समर्पित और संवेदनशील नेतृत्व के साथ कोई भी लक्ष्य असंभवन नहीं होता है। इस राष्ट्रीय पुरस्कार के माध्यम से जिले ने न केवल एक बड़ी उपलब्धी प्राप्त की है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि जब नेतृत्व संकल्पित और प्रशासनिक टीम समर्पित हो तो किसी भी जिले को विकास की ऊंचाईयों पर ले जाया जा सकता है। यह उपलब्धी आने वाले समय में बुन्देलखण्ड के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बनेगी।
इस परियोजना के तहत नगर पालिका परिषद ने भारत के सर्वश्रेष्ठ कचरा प्रबंधन मॉडल इंदौर नगर निगम की प्रणाली को आधार बनाकर अपने नगर में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अपनाया। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद इस मॉडल को स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया। परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें डिजिटल तकनीक को मुख्य आधार बनाते हुए सफाई व्यवस्था को पारदर्शी और निगरानी योग्य बनाया गया। ललितपुर नगर पालिका परिषद ने संपूर्ण नगर क्षेत्र में बीट मैपिंग कर प्रत्येक सफाई कर्मी की ड्यूटी का स्पष्ट निर्धारण किया। सभी घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जियो टैगिंग की गई, जिससे उनकी उपस्थिति और कवर क्षेत्र की जानकारी डिजिटल रूप से रिकॉर्ड की जा सके। प्रत्येक कचरा संग्रहण वाहन को जीपीएस ट्रैकर से जोड़ा गया, जिससे उनके मूवमेंट की लाइव निगरानी की जा सके। इन सब में जिलाधिकारी का आईटी सेक्टर में दक्ष होने का भरपूर लाभ मिला, उनके मार्गदर्शन में भरपूर डिजिटल तकनीकी का प्रयोग किया गया।
इसका उपयोग करते हुए इस व्यवस्था की निगरानी और डाटा संग्रह के लिए एक विशेष वेब पोर्टल और मोबाइल एप विकसित किया गया, जिसकी मदद से अधिकारी न केवल कर्मियों की उपस्थिति देख सकते हैं, बल्कि प्रतिदिन का संग्रहण, वाहन चालकों की स्थिति और क्षेत्रवार सफाई की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
इस परियोजना के लागू होने के पहले नगर में प्रतिदिन लगभग 0.5 टन कचरे का संग्रह होता था। लेकिन इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 4.6 टन प्रतिदिन तक पहुँच गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कचरा संग्रहण की दक्षता में लगभग 75ः की वृद्धि हुई है। साथ ही, इस परियोजना के तहत न केवल शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा रहा है, बल्कि सफाई कर्मियों के काम करने की स्थितियों में भी सुधार किया गया। उन्हें उचित सुरक्षा उपकरण, नियमित प्रशिक्षण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
ललितपुर नगर पालिका परिषद आने वाले समय में इस मॉडल को और अधिक सशक्त और व्यापक बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि न केवल शहर में स्वच्छता बनी रहे बल्कि अन्य नगरों को भी इस मॉडल से सीखने को मिले।






