जिलाधिकारी ने निजी व प्राइवेट विद्यालयों द्वारा प्रतिवर्ष शुल्क में मनमानी वृद्धि करने व एक ही निश्चित दुकान से पुस्तक क्रय करने के लिए छात्र-छात्राओं को बाध्य करने वाले विद्यालयों पर आर्थिक दंड से लेकर मान्यता समाप्ति करने तक की कार्यवाही करने के लिए दिये निर्देश।

जनपद में उ0प्र0 बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद (यू0पी0बोर्ड), सी0बी0एस0ई0, आई0सी0एस0ई0 एवं अन्य परिषदों द्वारा संचालित कक्षा-1 से 12 तक के निजी/प्राइवेट विद्यालयों द्वारा प्रतिवर्ष शुल्क में मनमानी वृद्वि करने, एक ही निश्चित दुकान से पुस्तकें क्रय करने के लिए छात्र-छात्राओं को बाध्य करने, ड्रेस बदलने जैसी शिकायतों के क्रम में उ0प्र0 स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियम) विधेयक 2018 एवं उक्त अधिनियम के अनुक्रम में निर्गत शासनादेशों के क्रम में जिला शुल्क नियामक समिति की 01 अति-महत्वपूर्ण बैठक श्री अक्षय त्रिपाठी, जिला मजिस्ट्रेट/अध्यक्ष, ललितपुर की अध्यक्षता में दिनांक 28-04-2025 को अपरान्ह 12.00 बजे कलैक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई, जिसमें श्री ओम प्रकाश, जिला विद्यालय निरीक्षक/सदस्य-सचिव, ललितपुर, श्री विजयचन्द्र, अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग, प्रान्तीय खण्ड, ललितपुर/सदस्य, श्री घनश्याम सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी (मा0शि0)/सदस्य, श्री अजब सिंह, प्रधानाचार्य, श्री वर्णी जैन इण्टर कालेज, ललितपुर, श्री भगवान दास मिश्र, प्रधानाचार्य, बुन्देलखण्ड इण्टर कालेज जाखलौन/सदस्य, शिक्षक अभिभावक संघ के सदस्य के रूप में श्री संतोष तिवारी, शिक्षक अभिभावक संघ, राजकीय इण्टर कालेज, ललितपुर तथा समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं निजी विद्यालयों के प्रबन्धक/प्रधानाचार्य उपस्थित हुए जिसकी उपस्थिति सूची पृथक से संलग्न है।
उक्त बैठक मंे अध्यक्ष/जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति से ससमय प्रारम्भ की गयी समिति के सदस्य-सचिव श्री ओम प्रकाश, जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर ने उपस्थित अध्यक्ष महोदय एवं समिति के सदस्यों तथा उपस्थित अन्य अधिकारियों के समक्ष बैठक से सम्बन्धित संक्षिप्त आख्या एवं अधिनियम की प्रति तथा शासनादेशों की प्रति प्रस्तुत करते हुए अधिनियम के प्राविधानों से अवगत कराया गया तथा जनपद में संचालित निजी विद्यालयों की संख्या एवं उनके द्वारा विगत 03 वर्षो 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के शुल्क का विवरण प्रस्तुत किया गया। समिति अध्यक्ष द्वारा अधिनियम में प्राविधानित व्यवस्था तथा शासनादेशों में वर्णित निर्देशों का अवलोकन/परीक्षण करने के उपरान्त उक्त अधिनियम का शक्ति से अनुपालन कराये जाने के निर्देश दिये गये उक्त निर्देशों तथा समिति द्वारा लिये गये सर्वसम्मति निर्णयों के क्रम में तत्काल निम्नलिखित सूचनायें विद्यालयों से प्राप्त करने के निर्देश सदस्य-सचिव/जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर को दिये गये।

विद्यालयों के निरीक्षण हेतु चैकलिस्ट तैयार कर प्रारूप की प्रति निरीक्षण अधिकारी को उपलब्ध कराये जिससे निरीक्षण की संकलित सूचना प्राप्त की जा सके।

शुल्क का तात्पर्य स्पष्ट कराया जाये, ली जाने वाली शुल्क का विवरण/मदों का स्पष्ट नाम अंकित कर ही शुल्क रसीद विद्यालयों द्वारा अभिभावकों को प्राप्त करायी जाये। ऐसा कोई भी मद जिसमें शुल्क ली जाती है उसका नाम शुल्क रसीद में अवश्य अंकित हो।

विद्यालय में विकास निधि का संचालन एवं विकास निधि में जमा धनराशि की व्यवस्था की गयी है अथवा नहीं से सम्बन्धित विवरण प्राप्त किया जाये।

केन्द्रीकृत दुकानों पर ड्रेस एवं पुस्तकों की उपलब्धता न हो जिस हेतु अधिकारियों की टीम गठित कराकर सत्यापन की व्यवस्था करायी जाये।

जी0एस0टी0 विभाग के माध्यम से बड़े दुकानदारों की बैठक आहूत करायी जाये जिससे स्थानीय स्तर पर पुस्तकों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो।

शुल्क वृद्वि- नवीन उपलब्ध वार्षिक प्रतिशत बढ़े हुये उपभोक्ता मूल्य सूचकांक $ पूर्व वर्ष में छात्र से ली गयी शुल्क के 5 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।

छात्रों से लिये जाने वाले शुल्क एवं वाणिज्यिक क्रियाकलाप से होने वाली आय यदि कोई हो तो आय मानी जायेगी एवं विद्यालय के खाते में जमा की जायेगी।

विद्यालय द्वारा कुल आय की 15 प्रतिशत से अनाधिक धनराशि विकास निधि में अन्तरित करायी जाये।

विद्यालय प्रवेश प्रारम्भ करने से 60 दिन पूर्व अपने सूचनापट/वेबसाइट पर समस्त विवरण प्रदर्शित करेगा एवं आगामी वर्ष का शुल्क विवरण, सुविधाओं का विवरण हो एवं अन्य का उल्लेख हो।

समिति द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि विद्यालयों द्वारा अधिनियम का उल्लघंन करने पर प्र्रथमवार उल्लघंन पर अधिक शुल्क की वापिसी करवाना एवं रूपये 01 लाख का अर्थदण्ड अधिरोपित किया जायेगा, द्वितीयवार उल्लघंन करने पर अधिक शुल्क की वापिसी के साथ-साथ 5 लाख का अर्थदण्ड अधिरोपित किया जायेगा तथा तीसरीवार उल्लघंन किये जाने पर विकास निधि की अनुमति वापस लेने के साथ-साथ मान्यता समाप्ति की संस्तुत की जायेगी।

जिला शुल्क नियामक समिति के विनिश्चय से दुखी व्यक्ति 30 दिन के भीतर अपनी अपील मण्डलीय समिति को कर सकेगा।

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