भारतीय सेना द्वारा आयोजित चार दिवसीय “कारवां टॉकीज़” जागरूकता अभियान ने एआरओ आगरा के दिशा-निर्देशन में अपने दूसरे दिन ललितपुर के केंद्रीय विद्यालय और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में ज़बरदस्त ऊर्जा और उत्साह के साथ दस्तक दी। विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सेना में करियर विकल्पों की जानकारी ली।

एलईडी डिस्प्ले और प्रभावशाली ऑडियो-विज़ुअल सामग्री से सुसज्जित मोबाइल प्रचार वाहन ने दर्शकों को सेना के जीवन, अनुशासन और गर्व से भरे मिशन की झलकियां दिखाईं—जिससे युवाओं के मन में उत्साह की लहर दौड़ गई।

सेना के प्रतिनिधियों ने छात्रों से सीधा संवाद किया और अग्निवीर योजना, तकनीकी प्रवेश और अधिकारी स्तर की भर्ती योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। पंजीकरण से संबंधित ब्रॉशर और क्यूआर कोड भी साझा किए गए, ताकि ग्रामीण और दूर-दराज़ के छात्र भी आवेदन प्रक्रिया से जुड़ सकें।

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था। कई बालिकाओं ने सैन्य सेवा में रुचि व्यक्त करते हुए इसे जीवन का गौरवपूर्ण लक्ष्य बताया। एक छात्रा ने कहा, “अगर देश की रक्षा करनी है, तो हम भी पीछे नहीं – हम भी वर्दी पहनकर देश की सेवा करना चाहती हैं।”

कार्यक्रम में यह स्पष्ट संदेश भी दिया गया कि भारतीय सेना की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और निःशुल्क है। किसी भी दलाल या बिचौलिए से बचने की सलाह देते हुए एक अधिकारी ने कहा, “केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें – आपकी मेहनत और योग्यता ही आपका रास्ता है।”

इंटरैक्टिव सत्रों, सवाल-जवाब और खेल गतिविधियों ने माहौल को और भी सजीव बना दिया, जिससे छात्र-छात्राओं के भीतर आत्मविश्वास और जागरूकता का संचार हुआ।

शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन ने इस अभियान को “युवाओं के लिए प्रेरणा का माध्यम” बताया। “यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं—बल्कि भविष्य की दिशा देने वाला दृष्टिकोण है,” एक शिक्षक ने भावुक होकर कहा।
जैसे-जैसे यह चार दिवसीय कारवां आगे बढ़ता है, एआरओ आगरा ज़िले के कोने-कोने में सेवा, साहस और समर्पण की भावना का दीप जला रहा है—हर दिल में देशभक्ति की लौ जगाते हुए।






