ललितपुर -बाबू कल्याण सिंह जी सभागार में भारतीय लोकतंत्र और राजनीति के सबसे दुखद और काला अध्याय आपातकाल पच्चीस जून उन्नीस सौ पचहत्तर की याद में ललितपुर के वरिष्ठ चिकित्सक और बरिष्ठ भाजपा नेता डा राजकुमार जैन के जिला संयोजन में आज काला दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं लोकतंत्र सेनानी ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने की एवं संचालन बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड के सदस्य प्रदीप चौबे ने किया।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के जल संगठन कैबिनेट मंत्री मा स्वतंत्र देव सिंह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में झांसी ललितपुर के सांसद पं अनुराग शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य बक्ता के रुप में झांसी महानगर के जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदीप सरावगी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में लोकतंत्र सेनानियों ने अपने आपातकाल के दुखद संस्मरण सुनाए।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि आज के कार्यक्रम में सबसे ज्यादा युवाओं को आमंत्रित किया गया है उसका प्रमुख उद्देश्य यह है कि हमारे युवा, देश में पचास साल पहले घटे उस भयावह काले दिनों को भी जान सकें जिससे कि उन्हें लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष के बारे में जानकारी मिल सके।
इस अवसर पर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा एड ने कहा कि यहीं सभास्थल पर एक प्रदर्शनी लगाई गई है जिस के माध्यम से लोकतंत्र सेनानियों को दी गई यातनाओं के वारे में बताया गया है। उन्होंने कहा कि उन यातनाओं को देख कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं । उन्होंने कहा कि मैं लोकतंत्र की लड़ाई लड़ने बाले महान सेनानियों को नमन करता हूं।
इस अवसर पर झांसी ललितपुर के सांसद पं अनुराग शर्मा ने कहा कि हमारे भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए अपना युवा काल खोने बाले लोकतंत्र सेनानीयों को नमन करता हूं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और झांसी जिला के पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी ने झांसी ललितपुर में इमरजेंसी के दौरान हुई ज्यादतियों के बारे में जानकारी दी ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि इमरजेंसी ने देश को कई बरस पहले पहुंचा दिया था और हमारी प्रगति रुक गई थी।
उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस पिछला चुनाव संविधान की रक्षा की फर्जी बात करके लड़ी थी आपातकाल में सबसे ज्यादा संविधान के साथ खिलवाड़ उसी कांग्रेस ने किया था।भारतीय जनता पार्टी के उच्च नेतृत्व के निर्देश पर हम सब इमरजेंसी की याद में पच्चीस जून को काला दिवस मनाते हैं। जितना त्याग लोकतंत्र सेनानियों ने लोकतंत्र की रक्षा हेतु किया उसका प्रतिफल हम लोग सब कुछ देकर नहीं चुका सकते हैं यह सम्मान तो हम लोग सिर्फ इसलिए कर रहे हैं ताकि नयी पीढ़ी को यह बताया जा सकें कि हमारे पूर्ववर्ती कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र के लिए कैसा संघर्ष किया।
आपातकाल हमारे देश के लिए एक दुस्वप्न की तरह था जिसे आज तक हम याद करके सिहर जाते हैं। आपातकाल कोई घटना नहीं थी वल्कि यह एक सोची समझी साजिश थी कांग्रेस की अपनी सत्ता को बचाने के लिए और कांग्रेस ने लोक तंत्र को दबाया तथा संविधान के साथ खिलवाड़ कर के उसमें धर्म निरपेक्ष एवं सैकुलर शब्द जुड़वाया ।
कांग्रेस ने अपने आपकी सत्ता बचाने के लिए बूढे, जबान, किसान , मजदूर,महिलाओ सब को बंद कराया।अपने आपकी सत्ता बचाने के लिए कांग्रेस ने सत्ता में संशोधन कर 5 साल की जगह 6 साल में इलेक्शन कराया ।
कांग्रेस शुरू से परिवार वाद की राजनीति करती रही है जब कि भारतीय जनता पार्टी परिवारवाद के लिए नही बनी है । भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद और देश की सेवा के लिए बना एक राष्ट्रवादी दल है जो कि भारत माता को सर्वोच्च मानता हैऔर इसकी आराधना करता है
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आगे कहा कि 25जून सन 1975की दरमियानी रात में तात्कालिक प्रधानमंत्री इंद्रा गाँधी ने देश में इमरजेंसी लगा दी और इस काली रात के बाद जो छब्बीस जून को सुबह हुई वह और ज्यादा कालिमा लिए डरी ,सिमटी, सकुची सी थी। लगभग छब्बीस संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया जिसमें प्रमुख बिपक्षी दल भी शामिल थे और इनके नेताओं को जेल में ठूंस दिया गया था ।
इन विपक्षी नेताओं में जनसंघ, हिन्दू महासभा, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व इसके अनुसांगिक संगठनों के नेता व कार्यकर्ता भी थे जो जेल में डाल दिये गये थे । संघ व इसके अनुसांगिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को शुरू में निर्देश मिला कि अन्डरग्राऊन्ड रहें। फिर गिरफ्तारी सत्याग्रह करके कराने का निर्देश दिया गया।
शेष लोग बाद में –कुछ घर से गिरफ्तार होकर व कुछ आंदोलन करके बंद हुए |जिन पर फर्जी व गलत केस लगाकर बंद किया उनके केस लड़े गए, जो आंदोलन करके बंद हुए उनको जुर्म इकवाल (स्वीकार )करने हेतु अपार कष्ट दिए गए। इमरजेंसी की नृशंस यादें पीड़ितों के मन से कभी खत्म नहीं हुईं ।इस दौरान उनके परिवारों ने जो मानसिक ,आर्थिक, सामाजिक पीड़ा भोगी है उसे याद कर उनके मन आज भी सिहर उठते हैं। इनमें कुछ विन्दु उभर कर आते हैं।यह कि यह एक हारे हुए प्रधानमंत्री की बौखलाहट थी जो न्याय पालिका पर भी काबिज होना चाहती थीं।
उन्होंने आन्तरिक अशांति का बहाना लेकर धारा तीन सौ बावन का प्रयोग किया।
उन्होंने संविधान की आत्मा का गला घोंट लोकतंत्र के चारों स्तंभों को दवाने का प्रयास किया।।
जब कि कांग्रेस शासित सरकारों में सत्ता का अहंकार सिर चढ़ कर बोल रहा था। धार्मिक तुष्टिकरण खुल कर हो रहा था ।
इन्दिरा इज इंडिया एण्ड इण्डिया इज इन्दिरा कह के व्यक्ति पूजा और परिवार वाद को बढ़ावा दिया जा रहा था।
कांग्रेस आज भी आपातकाल जैसे ही राहुल, प्रियंका के इर्द गिर्द सिमटी हुई है।
विना किसी पद के लोग सत्ता संचालन कर रहे थे इसका सबसे बड़ा उदाहरण संजय गांधी थे।
ईमानदार जजों को सही फैसला देने के कारण दर किनार कर अपने लोगों को न्याय पालिका में उच्च पद दिए जा रहे थे ।
संविधान में संशोधन कर धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी जैसे शब्द जोड़े जा रहे थे ।
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को भंग कर दिया गया ताकि प्रेस का गला घोंटा जा सके । उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संविधान को सामने रख कर लोकतंत्र की रक्षा हेतु सदैव सजग रहें और आम आदमी को जागृत करें।
लोकतंत्र सेनानी और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि यह एक अलौकिक कदम है जिसमें हम इतिहास में हुई गलतियों की याद काला दिवस मना कर करते हैं और इन की दुखद स्मृति पर गोष्ठियां करते हैं ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो सके ।
इसके अलावा श्रम सेवा राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने भी अपने विचार रखे ।
कार्यक्रम के अन्त कार्यक्रम के जिला संयोजक डा राजकुमार जैन ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में जो आप लोग पधारे और इस काला दिवस को सफल बनाने का कार्य किया उस से हम लोग अभिभूत हैं और आप सब की कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं।
इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी केशव शर्मा , ओमप्रकाश श्रीवास्तव, ओम शंकर श्रीवास्तव, सन्तोष तिवारी, जगदीश सिंह कुशवाहा,देवी प्रसाद शर्मा,कन्छेदीलाल मालवीय एड, आशाराम जी, नाथूराम जी, आशाराम साहू,डा मनवीर सिंह तोमर, बृजलाल, हल्के राम, जगदीश दुवे आदि का सम्मान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह द्वारा एवं सांसद अनुराग शर्मा, जिला अध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत, श्रमसेवा राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा एड, कार्यक्रम संयोजक राजकुमार जैन द्वारा किया गया। इसके अलावा स्वर्गीय हो चुके लोकतंत्र सेनानियों स्व रघुवीर सिंह लोधी,स्व रणबीर सिंह यादव,स्व विनोद संज्ञा के आश्रितों सहकारी बैंक अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह लोधी एड, प्रताप विक्रम सिंह यादव,विक्की संज्ञा का भी शाल, श्रीफल, माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत, झांसी ललितपुर सांसद पं अनुराग शर्मा,श्रम सेवा राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा एड, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, कार्यक्रम जिला संयोजक डा राजकुमार जैन,
बुन्देलखण्ड विकास बोर्ड के सदस्य प्रदीप चौबे, पूर्व अध्यक्ष गण प्रेम चंद पटैल,जगदीश सिंह लोधी एड, हरीराम निरंजन, राजकुमार जैन, सहकारी बैंक अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह लोधी एड, जिला महामंत्री बब्बू राजा बुन्देला,बंशीधर श्रीवास, बलराम सिंह लोधी,जिला कोषाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद सड़ैया, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गण सुभाष जायसवाल,रमेश कुमार खटीक, श्रीमती रजनी साहू,जिला मीडिया प्रभारी देवेन्द्र गुरु, कार्यक्रम सह संयोजक डा तेजस्व श्रीवास्तव,ई भागीरथ बरुआ,जिला उपाध्यक्ष आशीष रावत,किरण सैन, बसंती लारिया, धर्मेन्द्र पाठक,युवा मोर्चा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष गौरव गौतम, क्षेत्रीय सदस्य धर्मेन्द्र गोस्वामी, चिकित्सा प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय सह संयोजक डा दीपक चौबे,किसान मोर्चा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अजय पटैरिया, ,जिला मंत्री गण गौरव चौधरी रमेश कुशवाहा नझाई,रजनी अहिरवार,
पं सुरेश कोंते, संतोष कुशवाहा, राजेश लिटौरिया,कमलापति रिछारिया,नील पटैरिया, नगर मण्डल अध्यक्ष भगत सिंह राठौर, मनोज कुमार खटीक, किंजल्क हुड्डैत,अजय जैन साईकिल,ध्रुव सिंह सिसौदिया, विशाल रावत,अवतार सिंह लोधी, दीपक पाराशर, रुपेश साहू, मोर्चा अध्यक्ष गण श्रीमती लक्ष्मी रावत,डा रमेश साहू,डा जितेन्द्र पटेल,डा सुधीर जैन,डा राजेश शर्मा,डा रामकुमार साहु,डा विनोद साहू, राजीव पटवारी, अंकित सतभैया, विकास सूरी,मेजर राजूपाल, अनुपमा जैन, रुचिका बुन्देला, सुनीता पंथ,ऋतु समाधियां,भागवती लोधी,राखी ताम्रकार, पुष्पा झां,रामरती रैकवार,रानी जहां,अशोक सैन,
, घनश्याम दास साहू,, मण्डल अध्यक्ष गण रामस्वरूप निरंजन, कृपाल सिंह राजपूत,शिवम पाराशर,अनुज शर्मा, सुनीता पंथ, भागवती लोधी, पुष्पा झां, हेमलता गोस्वामी, किरण अग्रवाल, मनिंदर कौर,रानी जहां,,जीतू राजा प्रधान, अरविंद सिंघई,अरुण कुमार तिवारी, आनंद देवलिया, अभिषेक सोनी, आशीष कौशिक,रवि राजा, बालकिशन राजपूत, दीपक सिंघई, शीतल राजपूत, जगदीश सिंह निरंजन, रवीन्द्र पाठक,कल्लन कुशवाहा, अवधेश शर्मा गोल्डी, नितिन पंथ,अमन शर्मा, जगभान सिंह राजपूत,गोल्डी राजपूत, हरीशंकर नामदेव, हरीशंकर नांगल, गौरव जोशी, अरुण तिवारी,राज झां,सचिन साहू आदि उपस्थित रहे।






