ललितपुर में लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव (एलयूसीसी) द्वारा किए गए बड़े घोटाले मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई है। कंपनी ने कम समय में दोगुना पैसा देने का लालच देकर लगभग 1600 करोड़ रुपये की धनराशि लोगों से एकत्र की है। मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार इनाम ललितपुर पुलिस द्वारा घोषित किया जा चुका है।

कंपनी ने विशेषकर गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों को अपना निशाना बनाया। समय सीमा पूरी होने के बाद कंपनी ने सभी कार्यालय बंद कर दिए और कर्मचारी फरार हो गए। ललितपुर पुलिस ने इस मामले में कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ता समीर अग्रवाल समेत 35 से अधिक लोगों पर मामले दर्ज किए हैं। रवि तिवारी, आलोक जैन सहित 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की। उन्होंने बताया कि घोटाले में शामिल आधे से अधिक लोगों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ये लोग जनता की धनराशि का अन्यत्र निवेश कर मुनाफा कमा रहे हैं। राज्यमंत्री ने मामले की सीबीआई या आर्थिक अपराध शाखा से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। इससे पहले सदर विधायक भी सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं।






